PM Vishwakarma Yojana: RBI ने दी पीएम विश्वकर्मा योजना को बढ़ावा, 5% ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का लोन

PM Vishwakarma Yojana: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को पीएम विश्वकर्मा योजना को पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) योजना में शामिल करने और योजना को दो साल का विस्तार देने का निर्णय किया है। यह निर्णय डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और कारीगरों को आर्थिक मदद देने के लिए लिया गया है।

PM Vishwakarma Yojana: RBI ने दी पीएम विश्वकर्मा योजना को बढ़ावा, 5% ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का लोन
PM Vishwakarma Yojana: RBI ने दी पीएम विश्वकर्मा योजना को बढ़ावा, 5% ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का लोन

PIDF योजना की शुरुआत जनवरी 2021 में की गई थी। इस योजना का मकसद छोटे और कम आबादी वाले शहरी क्षेत्रों (टियर-3 से टियर-6), पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में बिक्री केंद्र (पीओएस), त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड जैसे भुगतान स्वीकार करने वाले बुनियादी ढांचे की पहुंच स्थापित करना है।

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि अब पीआईडीएफ योजना को दो साल की अवधि के लिए यानी 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही पीआईडीएफ योजना के तहत सभी केंद्रों में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

RBI के इस निर्णय से कारीगरों को डिजिटल लेनदेन करने में आसानी होगी और उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह निर्णय डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में भी कारगर होगा।

क्या है PIDF योजना?

PIDF योजना का पूरा नाम पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड है। यह योजना छोटे और कम आबादी वाले शहरी क्षेत्रों (टियर-3 से टियर-6), पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भुगतान स्वीकार करने वाले बुनियादी ढांचे की पहुंच स्थापित करने के लिए शुरू की गई थी। इस योजना के तहत बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को ऋण दिया जाता है, ताकि वे इन क्षेत्रों में पीओएस मशीनें, क्यूआर कोड और अन्य भुगतान स्वीकार करने वाले उपकरणों को तैनात कर सकें।

क्या है पीएम विश्वकर्मा योजना?

पीएम विश्वकर्मा योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले महीने शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य कारीगरों को आर्थिक मदद देकर उनके व्यवसाय को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत कारीगरों को पांच प्रतिशत की बेहद सस्ती ब्याज दर पर बिना किसी गारंटी के तीन लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है। यह ऋण विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि मशीनरी और उपकरण खरीदना, स्टॉक खरीदना, और व्यवसाय का विस्तार करना।

क्या है इसके लाभ?

RBI के इस निर्णय से कारीगरों को निम्नलिखित लाभ होंगे:

  • उन्हें डिजिटल लेनदेन करने में आसानी होगी।
  • उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
  • उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी।
  • साथ ही यह निर्णय डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में भी कारगर होगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top